Kaal chakra: diwali information in hindi

कुंडली में किस ग्रह के खराब प्रभाव से जीवन में क्या असर पड़ता है |
छोटी – छोटी उपायों से ख़राब ग्रहों को कैसे ठीक करे |

Post Top Ad

Showing posts with label diwali information in hindi. Show all posts
Showing posts with label diwali information in hindi. Show all posts

About diwali information in hindi

20:38 0
diwali greetings


दीवाली या दीपावली अर्थात "रोशनी का त्योहार" शरद ऋतु (उत्तरी गोलार्द्ध) में हर वर्ष मनाया जाने वाला एक प्राचीन हिंदू त्योहार है। दीवाली भारत के सबसे बड़े और प्रतिभाशाली त्योहारों में से एक है। यह त्योहार आध्यात्मिक रूप से अंधकार पर प्रकाश की विजय को दर्शाता है।
भारतवर्ष में मनाए जाने वाले सभी त्यौहारों में दीपावली का सामाजिक और धार्मिक दोनों दृष्टि से अत्यधिक महत्त्व है। इसे दीपोत्सव भी कहते हैं। तमसो मा ज्योतिर्गमयअर्थात् अंधेरे से ज्योति अर्थात प्रकाश की ओर जाइएयह उपनिषदों की आज्ञा है। इसे सिख, बौद्ध तथा जैन धर्म के लोग भी मनाते हैं। जैन धर्म के लोग इसे महावीर के मोक्ष दिवस के रूप में मनाते हैं  तथा सिख समुदाय इसे बंदी छोड़ दिवस (en:Bandi Chhor Divas) के रूप में मनाता है।
माना जाता है कि दीपावली के दिन अयोध्या के राजा श्री रामचंद्र अपने चौदह वर्ष के वनवास के पश्चात लौटे थे।  अयोध्यावासियों का ह्रदय अपने परम प्रिय राजा के आगमन से उल्लसित था। श्री राम के स्वागत में अयोध्यावासियों ने घी के दीए जलाए। कार्तिक मास की सघन काली अमावस्या की वह रात्रि दीयों की रोशनी से जगमगा उठी। तब से आज तक भारतीय प्रति वर्ष यह प्रकाश-पर्व हर्ष व उल्लास से मनाते हैं। 

यह पर्व अधिकतर ग्रिगेरियन कैलन्डर के अनुसार अक्टूबर या नवंबर महीने में पड़ता है। दीपावली दीपों का त्योहार है। भारतीयों का विश्वास है कि सत्य की सदा जीत होती है झूठ का नाश होता है। दीवाली यही चरितार्थ करती है- असतो माऽ सद्गमय, तमसो माऽ ज्योतिर्गमय। दीपावली स्वच्छता व प्रकाश का पर्व है। कई सप्ताह पूर्व ही दीपावली की तैयारियाँ आरंभ हो जाती हैं। लोग अपने घरों, दुकानों आदि की सफाई का कार्य आरंभ कर देते हैं। घरों में मरम्मत, रंग-रोगन, सफ़ेदी आदि का कार्य होने लगता है। लोग दुकानों को भी साफ़ सुथरा कर सजाते हैं। बाज़ारों में गलियों को भी सुनहरी झंडियों से सजाया जाता है। दीपावली से पहले ही घर-मोहल्ले, बाज़ार सब साफ-सुथरे व सजे-धजे नज़र आते हैं।
happy diwali 2017



दीपावली का महत्त्व 


दीपावली नेपाल और भारत में सबसे सुखद छुट्टियों में से एक है। लोग अपने घरों को साफ कर उन्हें उत्सव के लिए सजाते हैं। नेपालियों के लिए यह त्योहार इसलिए महान है क्योंकि इस दिन से नेपाल संवत में नया वर्ष शुरू होता है।
दीपावली नेपाल और भारत में सबसे बड़े शॉपिंग सीजन में से एक है; इस दौरान लोग कारें और सोने के गहनों के रूप में भी महंगे आइटम तथा स्वयं और अपने परिवारों के लिए कपड़े, उपहार, उपकरणों, रसोई के बर्तन आदि खरीदते हैं। लोगों अपने परिवार के सदस्यों और दोस्तों को उपहार स्वरुप आम तौर पर मिठाइयाँ व सूखे मेवे देते हैं। इस दिन बच्चे अपने माता-पिता और बड़ों से अच्छाई और बुराई या प्रकाश और अंधेरे के बीच लड़ाई के बारे में प्राचीन कहानियों, कथाओं, मिथकों के बारे में सुनते हैं। इस दौरान लड़कियाँ और महिलाऐं खरीदारी के लिए जाती हैं और फर्श, दरवाजे के पास और रास्तों पर रंगोली और अन्य रचनात्मक पैटर्न बनाती हैं। युवा और वयस्क आतिशबाजी और प्रकाश व्यवस्था में एक दूसरे की सहायता करते हैं।

क्षेत्रीय आधार पर प्रथाओं और रीति-रिवाजों में बदलाव पाया जाता है। धन और समृद्धि की देवी - लक्ष्मी या एक से अधिक देवताओं की पूजा की जाती है। दीवाली की रात को, आतिशबाजी आसमान को रोशन कर देती है। बाद में, परिवार के सदस्यों और आमंत्रित दोस्त भोजन और मिठायों के साथ रात को मनाते हैं।


दीपावली का आर्थिक महत्त्व


दीवाली का त्यौहार भारत में एक प्रमुख खरीदारी की अवधि का प्रतीक है। उपभोक्ता खरीद और आर्थिक गतिविधियों के संदर्भ में दीवाली, पश्चिम में क्रिसमस के बराबर है। यह पर्व नए कपड़े, घर के सामान, उपहार, सोने और अन्य बड़ी खरीददारी का समय है। इस त्योहार पर खर्च और खरीद को शुभ माना जाता है क्योंकि लक्ष्मी को, धन, समृद्धि, और निवेश की देवी माना जाता है। दीवाली भारत में सोने और गहने की खरीद का सबसे बड़ा सीजन है।  मिठाई, कैंडी और आतिशबाजी की खरीद भी इस दौरान अपने चरम सीमा पर रहती है। प्रत्येक वर्ष दीवाली के दौरान पांच हज़ार करोड़ रुपए के पटाखों अदि की खपत होती है।

diwali greetings .......  & Happy Diwali 2020Wallpapers





happy deepavali

happy diwali


Diwali  pictures for WhatsApp

Diwali  greetings  for WhatsApp 


Diwali images for WhatsApp 



diwali image


festival of lights

festival of lights

Happy diwali

Happy diwali


Happy diwali


शुभ दीपावली
शुभ दीपावली


Read More

lakshmee pooja mein rakhee jaane vaalee cheeje

16:23

laksmi pooja

लक्ष्मी पूजा  date 14-11-2020

दीपावली  में माँ लक्ष्मी के चरणों में क्या रखना चाहिए

लक्ष्मी पूजा में रखी 10 चमत्कारी चीजे |


 दीपावली में माँ लक्ष्मी के सामने एक एक सामान या आपके पूजा साथ में रखा जाता है उसका अपना एक महत्व होता है |  उस महत्व के परिणाम सरूप आपके मन में  नकारात्मक और सकारात्मक  उर्जा का निर्माण होता है | इसके बाद आपका मान जैसा बनता है वोयेसा प्रकृति आपके साथ बेवहार करती है |

       यंत्र राज, श्री यंत्र , लक्ष्मी यंत्र   इस दीपावली माँ लक्ष्मी की प्रतिमा के पास लछमी यंत्र रखे | यंत्र के सामने एक अखंड दीप जलाये कम से कम 24 घंटे के लिए | पुरी पूजा करने के बादइत्र में रुई को गिला कर के छोटी छोटी गोलिया बनाकरयंत्र पर अर्पित करे | पांच तरह के मेवे का भोग लगाए| माँ लक्ष्मी को लाल चुनरीचड़ाए | पूजा के बाद लछ्मी यंत्र अपने धान स्थान या गल्ले में रखे | आपको आर्थिक संकट से मुक्ति मिलेगी, निवेश से लाभ होगा | तीनश्री यंत्र रख सकते है , लेकिन गणेश की मुर्तिया नही होनी चाहिए एक साथ पर |


दीपावली पूजा में माँ लक्ष्मी  के पास श्रीयंत्र की स्थापना कर सकते है | श्रीयंत्र पर कुमकुम, चंदन , गोरोचन, अछत, हलती और केसर अर्पित करे|
शहद से यंत्र का अभिषेक करके गंगाचल अर्पित करे | श्री सुत्राम के मंत्रो का पढ़ते हुए श्री यंत्र का अभिषेक करना चाहिए | श्रीयंत्र पर कमल के फूल अर्पित करनी चाहिए | पान के पते पर गुड़ रखकर भोग लगाना चाहिए |माँ लक्ष्मी को भी कासे की कटोरी में रख कर के शहद अर्पित करना चाहिए | पूजा के बाद अपनी तिजोरी में श्रीयंत्र की स्थापना कर दे |

कारोवार में सचमच नुकसान हो रहा है तो दीपावली की पूजा में कमल गाटे की माला पर लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति स्थापित करके पूजा करे और दुसरे दिन इसे  अपने  तिजोरी में रख ले | कमल गाटेकी माला पर  मूर्ति यैसे रखना चाहिए की वो गिरे नही और अच्छे से रखा जा सके | 
दीपावली पूजा में माँ लक्ष्मी  के पास दछिनावर्ती शंख की स्थापना पीले रंग के रेशमी कपडे पर करे | कहा जाता है की ये शंख बज जाये के सृष्टी में प्रलये आ जायगा | पचामृत से  दछिणावर्ती शंख  का अभिषेक करके गंगाजल अर्पित करे | पीपल के पत्ते पर फल रखकर भोग लगाए |  माँ लछ्मी को काजल की डिब्बी और मिट्टी के 4 दिए जलाकर अर्पित करे | दीपावली के बाद हर दिन दछिनावर्ती शंख की पूजा करे | जिससे आपके घर से दुःख और दरिद्रता दूर हो जायगी |



जिन लोगो का पैसा हमेशा बेकार के कार्यो में खर्च हो जाता है जेसे रोग  बीमारी  दवाई, बेयजपर पैसा  खर्च हो रहा है तो आप ये मान ले की ये आपका दुरभाग है |  कानूनी मामले से परेशान है और उसमे पैसे इतने खर्च हो रहे है जोसमझ में नही आ रही है तो यैसे स्थिति में  घर में दीवापली में  माँ लछ्मी की प्रतिमा के सामने 21 कौड़िया रखनी चाहिए | कौड़ियो का दूध से अभिषेक करके गंगाजाल अर्पित करे | लाल रंग का कपड़ा चढ़ाए | पूजा के बाद कौड़ियो को लाल  कपडे में बांधकर के अपने तिजोरी में चुप चाप रखा दे |

इस दीपावली में माँ लछ्मी की प्रतिमा के सामने आप अपनी चेकबुक, पासबुक  ATM  भी रखे | 2 मिनट के लिए ही सही जरुर रखियेगा |

श्रीयंत्र या लछ्मी यंत्र के पास भी इसको रख सकते है| साथही चंदन और केसर घिस कर के येसा छिराकियेगा की दिखाई न दे |  
पूजा के बाद लछ्मी – गणेश की चांदी की प्रतिमा के साथ  अपने गहने तिजोरी में रखने से बरकत ही बरकत होगी |
शेयर या इंशोरेंस से जुड़े सभी पेपर भी अपने पूजाघर में रखे |
अपने सोने-चांदी के गन्हे भी माँ लछ्मी की प्रतिमा के पास पूजा के समय जरुर रखे |

diwali greetings


lakshmee pooja

diwali images for drawing



Happy diwali
Happy diwali


lakshmee pooja  mein rakhee jaane vaalee cheeje


Related articles


दीपावली क्यों मनाई जाती है , क्या है इसका महत्व ...??

छठ पूजा के गीत

छठ पूजा का क्या है इतिहास, क्यों किया जाता है सूर्य की पूजा
Read More